पीएम कुसुम योजना 2026: सोलर पंप लगाने पर मिलेगी 90% सब्सिडी, जानें ऑनलाइन आवेदन
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए 90% तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। बिजली बिल और डीजल के खर्च से आजादी पाएं।
पीएम कुसुम योजना के मुख्य घटक व लाभ
पीएम कुसुम योजना के तीन मुख्य कंपोनेंट हैं:
1. कंपोनेंट A: बंजर भूमि पर 500kW से 2MW तक के ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट लगाना।
2. कंपोनेंट B: ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में 3HP, 5HP और 7.5HP के स्टैंडअलोन सोलर एग्रीकल्चर पंप स्थापित करना (60% से 90% तक सब्सिडी)।
3. कंपोनेंट C: मौजूदा ग्रिड कनेक्टेड एग्रीकल्चर पंपों का सोलराइजेशन और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई करना।
पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज
पात्रता: सभी किसान, कृषक समूह (FPO), पंचायतें और सहकारी समितियां।
दस्तावेज: आधार कार्ड, जमीन की जमाबंदी/फर्द (खसरा-खतौनी), बैंक खाता पासबुक, बिजली बिल (यदि कनेक्शन है), पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
1. अपने राज्य के रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट पोर्टल (जैसे राजस्थान में RajKisan, UP में UPNEDA, MP में Urja Vikas Nigam) पर जाएं।
2. 'KUSUM Solar Pump Scheme Registration' लिंक पर क्लिक करें।
3. किसान विवरण, पंप की क्षमता (3HP/5HP/7.5HP AC/DC) और बोरवेल की गहराई दर्ज करें।
4. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित किसान अंशदान (10%-40%) का चालान या ऑनलाइन भुगतान करें।
5. विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद सोलर पंप स्थापित कर दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
❓ सोलर पंप पर कुल कितनी सब्सिडी मिलती है?
केंद्र सरकार 30%, राज्य सरकार 30% से 50% तक सब्सिडी देती है, जिससे किसान को केवल 10% से 40% लागत देनी होती है। बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध है।
❓ क्या बोरवेल किसान को खुद करवाना होता है?
हां, सोलर पंप स्थापित करने के लिए जल स्रोत (बोरवेल/कुआं/डिग्गी) किसान के पास पहले से उपलब्ध होना चाहिए।